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२४९ ॥ श्री रोज़ाना माई मनिहारिन जी ॥


पद:-

लीजै राम नाम की गोली।

एक रंगी पच रंगी प्यारी बहु रँगी अनमोली।

सतगुरु से खेलन विधि जानौ छूटै भव की होली।

ध्यान धुनी परकाश दशा लय ते भरि लीजै झोली।

देखौ राम श्याम सन्मुख में हर दम सकै न डोली।५।

अनहद सुनौ देव मुनि आवैं बोलैं मीठी बोली।

नाहीं तो पछिताव अन्त में बातैं छाँटत पोली।

कहैं रोजाना चेत करौ अब चारि दिना की चोली।८।