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५ ॥ श्री हुसेन जी ॥


शेर:-

शुक्र हर दम कर रहा जो हुस्न देखेगा वही।१।

हर शै से धुनि जो सुन रहा वह रब क प्यारा है सही।२।

मिल गई छुट्टी उसे अल्लाह से सल्लाह कर।३।

पहुँचिगा वह पास में बैठा सिंहासन ह्वै अमर।४।