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७६३ ॥ श्री चीलर शाह जी ॥

जारी........

सतगुरु से जो जानि ले तब लागै यह रंग।३।


सोरठा:-

मकसूमा कहैं गाय, जियतै मे तै कीजिये।

सुनिये बहिनों भाय, तन तजि हरि पुर लीजिये।१।

॥ श्री भक्त भगवन्त चरितामृत सुख बिलास सम्पूर्णम ॥

१७-७-५०