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२०३ ॥ श्री बइली माई जी ॥


पद:-

जपु मन राम नाम पवित्र।१।

जाप विधि सतगुरु से जानि ले लगिहै तव चित्त।२।

ध्यान धुनि परकाश लय हो जौन तप का वित्त।३।

राम सीता लखौ मइली कह मिटै भव पित्त।४।