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६७२ ॥ श्री खुदा बख्श जी ॥

(मोहल्ला मुबारकपुर, उन्नाव)

दोहा:-

मन से हो महबूब की तकरीमो ताज़ीम।

तब तो वह कर दे तुरत नज़रे करम करीम।१।

होय इबादत ठीक, आय के गले लगा लेवेगा।

बन जाओ तब नीक, तुम्हें सब कुछ देवेगा।२।