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१७ ॥ श्री फूल चन्द्र जी ॥


पद:-

मन कर रहा दौरान मैं जाऊँ किधर किधर।१।

इस पर चढ़ा शैतान दिखाऊँ किधर किधर।२।

यह हो गया खफ़ कान झराऊँ किधर किधर।३।

इससे हूँ मैं हैरान लगाऊँ किधर किधर।४।