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२७७ ॥ श्री राजकिशोरी माई जी ब्राह्मणी ॥

जारी........

जय श्री चन्द्र सूर्य सुखकारी, बसो हमारी आँखों में।

तिमिर भगाय करत उजियारी, बसो हमारी आँखों में।४०।

जय श्री अन्नपूरना माता, बसो हमारी आँखों में।

रिद्ध सिद्ध की आप हो दाता, बसो हमारी आँखों में।४१।

दया दृष्टि अब हम पर कीजै, बसो हमारी आँखों में।

गर्भ वास से छुट्टी दीजै, बसो हमारी आँखों में।४२।