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३२३ ॥ श्री चितरंजन दास जी ॥


शेर:-

भारत के बासियों को सुख होने वाला है अब।

थोड़े हि दिन हैं बाकी दुख धोने वाला है अब।

जैसा समय जब आता वैसा हि होता है तब।

कर्मानुसार भाई दुख सुख ये होता है सब।

भजि राम कृष्ण नाम को हरि धाम हम गये।

चितरंजन दास कहते लखि तँह मगन भये।६।